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Homeदेहरादूनडीएम बंसल ने अधिकारियों को दिलाया याद,समाधान करना हमारी ज़िम्मेदारी

डीएम बंसल ने अधिकारियों को दिलाया याद,समाधान करना हमारी ज़िम्मेदारी

कलेक्टे्रट के ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शनिवार को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल एक पोर्टल नहीं, यह लोगों की उम्मीदों का पुल है। जो भी व्यक्ति हेल्पलाइन से जुड़ता है, वह किसी न किसी पीड़ा से गुज़र रहा होता है। ऐसे में अफसरों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह उस तक राहत पहुंचाएं, सिर्फ जवाब नहीं।
डीएम ने इस दौरान सभी विभागों की लंबित शिकायतों का एक-एक कर अवलोकन किया और कई विभागों की शिथिलता पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा सीएम हेल्पलाइन मायने मेर और हम सब अफसरों की। इसे औपचारिकता में मत लीजिए, यह आमजन का भरोसा है, एक आखिरी उम्मीद। जो व्यक्ति परेशान होकर हेल्पलाइन की ओर रुख करता है, उसके मन की पीड़ा को समझिए और संवेदनशील रहिए।
डीएम बंसल ने कहा कि अगर किसी शिकायत का समयबद्ध निस्तारण नहीं होता, तो संबंधित अधिकारी की ज़िम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण की फीडबैक कॉल्स पर विशेष ध्यान दें और संतुष्टिपूर्ण समाधान की पुष्टि अवश्य करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बार-बार आ रही शिकायतों को नजरअंदाज न किया जाए, बल्कि उनका स्थायी समाधान ढूंढ़ा जाए। डीएम ने अधिकारियों को चेताया कि हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों को केवल ‘टिक’ मार्क करने की औपचारिकता में न बदलें, बल्कि समस्या की गहराई में जाकर समाधान करें। इन आंकड़ों के ज़रिए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को यह भी दिखाया कि कहां-कहां सुधार की सबसे अधिक आवश्यकता है।
डीएम बंसल ने सभी विभागों से हर माह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और कहा कि मॉनीटरिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं। इसके लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को नियमित मॉनिटरिंग का कार्यभार सौंपा गया है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित सभी विभागों के संबंधित अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। सभी को निर्देशित किया गया कि सीएम हेल्पलाइन को सरकार की प्राथमिकता मानते हुए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।.कुल मिलाकर जिलाधिकारी सविन बंसल की इस समीक्षा बैठक ने यह साफ कर दिया कि अब सीएम हेल्पलाइन को हल्के में लेने का दौर खत्म हुआ। अफसरशाही की दीवारों में जवाबदेही की नई ईंटें लगाई जा रही हैं। यह सिर्फ शिकायतों का समाधान नहीं, जन विश्वास की बहाली का प्रयास है और यही है सुशासन की असली बुनियाद।

बाक्स

इतनी शिकायतें है लंबित

पुलिस विभाग – 368

नगर निगम – 358

यूपीसीएल – 361

जल संस्थान – 276

लोनिवि – 252

एमडीडीए – 177

पेयजल निगम – 88

स्वास्थ्य प्राधिकरण – 50

यूटीयू – 35

सिंचाई विभाग – 29

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