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उत्तराखंड ,देहरादून में आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोग हो जाय सावधान

रायपुर इलाके में तेजी से हो रहे हे सरकारी और खाली पड़ी जमीनों पर कब्जे

देहरादून के रायपुर इलाके में माफियाओ द्वारा गोल्डन फारेस् ,सरकारी जमीन और नालों को बंद कर किया जा रहा कब्ज़ा ,

जनता को नसीहत,अधिकारिओ और माफियाओ को लूट की खुली को खुली छूट,

देहरादून शहर बना माफियाओ की पहली पसंद ,

मूक दर्शक बना शासन प्रशासन ,

उत्तराखंड में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर फर्जीवाड़े के केस लगातार सामने आ रहे हैं। जिसमे देहरादून में आयदिन इस तरह के मामले सामने आ रहे है ,वही डीएम सोनिका ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि जमीन या मकान खरीदने से पहले रिकॉर्ड जरूर जांच लें। एमडीडीए से स्वीकृत लेआउट पर ही प्लॉट खरीदें। राजधानी देहरादून में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर कई तरह के फर्जीवाड़े सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने लोगों से सतर्क रहने का अनुरोध किया है। बीते दिन कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम सोनिका ने जनसुनवाई की कार्यक्रम में 92 शिकायतें मिलीं, जिनमें से ज्यादातर जमीन फर्जीवाड़े से जुड़ी थीं।
डीएम सोनिका ने कहा कि जिला प्रशासन जल्द ही चेक लिस्ट की व्यवस्था विकसित करने जा रहा है, ताकि लोगों को यह पता चल सके कि जमीन खरीदने से पहले किन-किन बातों का ध्यान रखा जाए।
डीएम सोनिका ने लोगो को यह तो नसीयत दे डाली की की वह जमीन और मकान खरीदते वक्त सावधानी बरते, वही डीएम ये भूल गई की शहर में बढ़ रहे फर्जी जमीनों के मामलो में कुर्सी पर बैठे लोगों की अहम् भूमिका है ,बिना शासन और प्रशासन के माफिया अपना साम्राज्यीय नहीं बढ़ा रहे है ,कई भूमिओ पर कई बड़े अधिकारिओ का हिंसा फिक्स होता है ,देहरादून में कई ऐसे मामले चल रहे हे जिसमे कोर्ट द्वारा छोटे कर्मचारिओं को सजा देने के बाद उनकी बहाली कर दी गई ,और जो असली दोषी हे वह आज भी सरकारी जमीनों के मजे ले रहा है ,वही इनके खिलाफ आवाज उठाने पर उनको अन्य किसी माध्यम और बदमाशों का डर दिखा कर उनको डराया और धमकया जाता है ,बड़े अधिकारिओ को मामले की जानकारी होने पर उसने जांच बैठा दी जाती है जो कब पूरी होगी कोई नहीं जनता ।
शहर में अतिक्रमड के नाम कई नालो सरकारी जमीनों को लोगो से खाली करवा कर उस पर मंत्रीओ ,विधायकों के खास व्यक्ति को उसका कब्ज़ा दे दिया जाता है या इनके चहितो द्वारा सोसाइटी बना कर सरकार की खाली पड़ी भूमियो पर कब्ज़ा कर लिया जाता है और कुछ दिनों बाद उनका रिकॉड गायब कर दिया जाता है
शायद डीएम सोनिका यह जानती नहीं या जान के अनजान बनी हुई है ,की रजिस्ट्ररो द्वारा और तहसील में पटवारी द्वारा आँख बंद कर के कागजी कारवाही कर देते है।
देहरादून के सभी नालो और सरकारी जमीनों पर लोगो और भू माफियाओ ने कब्ज़ा कर रखा है /कर रहे है ,ताजा मामले में रायपुर के गढ़वाली कॉलोनी में खुले आम जगलात /वन विभाग की जमीन पर कब्ज़ा किया जा रहा साथ ही नेहरूग्राम sgrr स्कूल के पास सरकारी नाले को निगम की मिली भगत से बंद कर के लोगो द्वारा बेखौफ कब्जे किये जा रहे है,थोड़े समय बाद अधिकारिओ से साठ गांठ कर इन भूमिओ को बेच कर अच्छी खासी रकम के कर हट जाते हे और कुछ समय बाद सरकार द्वारा इनको तोड़ दिया जाता है ।

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