अभिषेक सिंह के त्याग पत्र को बेरोजगार संघ ने बताया सत्य की जीत

देहरादून। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के उपाध्यक्ष राम कंडवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता सुरेश सिंह पुनः शहरी विकास निदेशालय पहुंचे एवं विषय विशेषज्ञ के पद अभिषेक सिंह की नियम विरुद्ध हुई तैनाती के संबंध में जानकारी जुटाई। इससे पूर्व भी उत्तराखंड बेरोजगार संघ द्वारा पूर्व में भी शहरी विकास निदेशालय में विषय विशेषज्ञ के पद पर रूपये 1,75000 के मासिक वेतन पर नियम विरुद्ध हुई नियुक्ति को लेकर हंगामा किया गया था। उनका कहना है कि निदेशालय ने अभिषेक सिंह से त्याग पत्र लिया गया है।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि निदेशालय द्वारा मिली जानकारी के उपरांत अन्ततः निदेशालय द्वारा दबाव में आकर अभिषेक सिंह से त्याग पत्र लिया गया है। लखनऊ निवासी अभिषेक सिंह ने निदेशालय में त्याग पत्र देकर पदभार ग्रहण करने वाली तिथि एक फरवरी से अब तक भुगतान करने की भी मांग की है। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के उपाध्यक्ष राम कंडवाल ने निदेशालय द्वारा लिए गए त्यागपत्र को सत्य की जीत बताते कहा कि विगत 14 फरवरी को शहरी विकास निदेशालय में 1,75,000 रूपये की नौकरी पर तैनात हुए अधिकारी का घेराव किया था।
उन्होंने बताया कि तदोपरांत सचिवालय में शहरी विकास निदेशालय की निदेशक नीतिका खंडेलवाल से भी मुलाकात की गई थी जिसमें निदेशक नीतिका खंडेलवाल द्वारा तैनाती को लेकर इनकार किया था किंतु अभिषेक सिंह ने त्यागपत्र में तैनाती की तिथि एक फरवरी बताई है जिससे स्पष्ट होता है कि नीतिका खंडेलवाल द्वारा झूठ बोलकर गुमराह करने की पूरी कोशिश की गई है किंतु आज स्पष्ट हो गया है कि पूरी तैनाती ही नियम विरुद्ध हो रखी थी इसीलिए अभिषेक सिंह से त्यागपत्र मांगा गया ।
इस अवसर पर राम कंडवाल ने कहा कि यदि अभिषेक सिंह को किसी भी तरह का भुगतान निदेशालय द्वारा किया गया तो पुनः निदेशालय की घेराबंदी की जाएगी। इस अवसर पर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रवक्ता सुरेश सिंह ने पूर्व निदेशक नीतिका खंडेलवाल को झूठी अधिकारी बताते हुए कहा कि नीतिका खंडेलवाल एवं अपर निदेशक डॉ० ललित नारायण मिश्र पर नियमाविरुद्ध की गई नियुक्ति एवं आचार संहिता का उल्लंघन करने पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी अधिकारी इस तरह के नियमविरुद्ध कार्य करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे।
इस अवसर पर सुरेश सिंह ने कहा कि शहरी विकास निदेशालय की पूर्व निदेशक नीतिका खंडेलवाल द्वारा अधिप्राप्ति नियमावली, सामान्य वित्त नियमावली के अतिरिक्त चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है



