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कार्बेट टाइगर रिजर्व में चल रहा ठगी का खेल

पर्यटकों के लिए स्वर्ग समान कार्बेट टाइगर रिजर्व की सफारी और नाइट स्टे बुकिंग के नाम पर सक्रिय दलालों ने अब लाखों की ठगी का सिलसिला शुरू कर दिया है। दिल्ली और केरल के दो पर्यटकों के साथ हुई धोखाधड़ी मामले ने प्रशासन की चुप्पी और पुलिस की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटक ऑनलाइन भुगतान कर ठगों के जाल में फंस रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर पुलिस संज्ञान नहीं ले रही, जिससे ठगों के हौसले बुलंद हैं।
नई दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव निवासी निखिल मेहरा ने जनवरी 2025 में कार्बेट सफारी और नाइट स्टे की बुकिंग के लिए रामनगर निवासी एक युवक से संपर्क किया। आरोपी ने मई के तीन अलग-अलग दौरों (8-11 मई, 23-25 मई, 29 मई से 1 जून) के लिए नाइट स्टे का झांसा दिया और 1.32 लाख रुपये की रकम गूगल पे के जरिए अपने खाते में ले ली। आरोपी ने निखिल को कार्बेट पार्क की फर्जी परमिट कॉपी भेजी, लेकिन जब वे कार्बेट पहुंचे तो जांच में यह परमिट नकली साबित हुआ। निराश निखिल ने 27 मई को रामनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की सुस्त कार्रवाई से असंतुष्ट रहे।
बाद में बीजेपी एक नेता जी के हस्तक्षेप पर आरोपी युवक को बुलाकर पूछताछ की गई। युवक ने अपनी गलती स्वीकारते हुए कुछ रकम वापस लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।
इसी आरोपी युवक ने 12 अक्टूबर को केरल के पर्यटक मनोज से भी नाइट स्टे के नाम पर 80 हजार रुपये की ठगी की। मनोज के अनुसार, उन्हें भी फर्जी परमिट दिए गए और आरोपी ने आधी राशि वापस की, जबकि 45 हजार रुपये अब भी बाकी हैं। जानकारी मिली है कि युवक ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर ‘जिम कॉर्बेट वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी टूर’ जैसी झूठी सुविधाओं का झांसा देकर ठगी की है।
आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस की धीमी कार्रवाई और शिकायतों पर गंभीरता न दिखाने से पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। रामनगर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने कहा मामले की जांच चल रही है, उचित कार्रवाई की जाएगी।
कार्बेट प्रशासन ने पर्यटकों को सचेत किया है कि वे केवल विभागीय आधिकारिक वेबसाइट पर ही सफारी और नाइट स्टे की बुकिंग करें। बाजार में कई फर्जी वेबसाइटें सक्रिय हैं, जो पर्यटकों को ठगने का काम कर रही हैं। प्रशासन ने फर्जी वेबसाइटों की सूची पहले ही जारी कर दी है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा किसी भी एजेंट या निजी वेबसाइट पर विश्वास न करें। बुकिंग के लिए केवल विभागीय वेबसाइट का उपयोग करें और ऑनलाइन भुगतान के समय सतर्क रहें।
यह मामला न केवल पर्यटकों की हानि का है, बल्कि प्रशासन और पुलिस की असंवेदनशीलता से पर्यटकों का भरोसा भी टूट रहा है। जल्द से जल्द ठगों पर सख्त कार्रवाई और पुलिस की सक्रियता जरूरी है, ताकि पर्यटक सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण में अपनी यात्रा का आनंद ले सकें।

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