spot_img
spot_img
HomeUncategorizedभाजपा महिला मोर्चे ने राहुल गांधी के संसद में किए अमर्यादित व्यवहार...

भाजपा महिला मोर्चे ने राहुल गांधी के संसद में किए अमर्यादित व्यवहार की कड़ी आलोचना

देहरादून 10 अगस्त,

भाजपा महिला मोर्चे ने राहुल गांधी के संसद में किए अमर्यादित व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे कांग्रेस की महिलाओं के प्रति तुच्छ सोच उजागर करने वाला बताया। साथ ही प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से सवाल किया, क्या उन्हें मातृ शक्ति का यह अपमान स्वीकार है या क्या यही उनकी पार्टी की कार्यसंस्कृति है ?

मोर्चे की प्रदेश अध्यक्ष  आशा नौटियाल ने बयान जारी करते हुए कहा, राहुल का लोकतंत्र के मंदिर में महिला सांसदों के सामने अश्लील इशारे करने को मातृ शक्ति के प्रति कांग्रेस की असल सोच को उजागर करता है । उन्होंने कांग्रेस नेत्रियों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा, जिनके नेता भरी संसद में इस तरह का व्यवहार करते हों वो अपनी पार्टी की महिला नेताओं के साथ न जाने कैसा व्यवहार करते होंगे । उन्होंने कहा, फिलहाल संसदीय विशेषाधिकार कमेटी इस मुद्दे को लेकर कार्यवाही पर विचार कर रही है, लेकिन जनता उन्हे देश की आधी आबादी के इस सार्वजनिक अपमान के लिए कभी माफ नही करने वाली है ।

उन्होंने महिला अपराधों को लेकर होहल्ला मचाने वाले प्रदेश कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि उनके शीर्ष नेता द्वारा संसदीय विशेषाधिकार का फायदा उठाते हुए किए इस महिला अपराध को क्या वे जायज मानते हैं । यदि हां तो ऐसी महिला संस्कृति, कांग्रेसियों को ही मंजूर । भाजपा और प्रदेश की जनता की नजरों में महिलाएं मातृ शक्ति का प्रतीक हैं ।

भाजपा ने विपक्षी अविश्वास प्रस्ताव की हार को प्रधानमंत्री मोदी पर देशवासियों के विश्वास पर संसद की मुहर ,

प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट ने लोकसभा में एनडीए सरकार की जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे 2024 चुनावों के लिए शुभ संकेत करार दिया ,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज के ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक भाषण में विकास और समृद्धि जो वर्तमान तस्वीर सामने प्रस्तुत की उसने देशवासियों को नए जोश से भर का किया काम,

तीन दिन की इस बहस के बाद न केवल विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से सदन में गिरा, साथ ही दुखद मणिपुर हिंसा के नाम पर जारी राजनैतिक ड्रामे का पर्दा भी गिरा ।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, विपक्ष का सदन में मतदान से भाग जाना साबित करता है कि उनमें जन विश्वास के प्रतीक पीएम मोदी का सामना करने का नैतिक साहस नहीं है । साथ ही साबित करता है कि इस नए नवेले गठबंधन की पार्टियों आपस में ही विश्वास नहीं है । जिससे साबित होता है कि अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष के खिलाफ ही पास हो गया ।

 

 

- Advertisement -chardham yatra uttarakhand
RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular