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बीडीओ भर्ती के नाम पर लोगों से ठगी करने आरोपी उज्ज्वल जीवन समिति नाम से एक एनजीओ चलाता था अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार

थाना नेहरू कॉलोनी देहरादून पर वादी  रविंद्र सिंह राणा पुत्र बालम सिंह राणा निवासी भंकोली थाना कोतवाली जिला उत्तरकाशी के द्वारा एक अभियोग दर्ज कराया कि वर्ष 2021 में उसकी पहचान नरेश पुत्र सुरेंद्र दत्त निवासी जाखड़ीधार थाना कोतवाली टिहरी गढवाल जिला टिहरी गढ़वाल ,उम्र 30 वर्ष, हाल पता-लैब असिस्टेंट सीएचसी सहसपुर जनपद देहरादून से हुई। जिसेक द्वारा मुझे बताया गया कि कल्पना पाल पत्नी रविशंकर निवासी सुंदरवाला थाना रायपुर देहरादून जो अपनी एक जाॅब कंसलटेंसी एनजीओ चलाती है, उसकी अच्छी जान-पहचान है तथा वह आने वाली बीडीओ/बीपीडीओ की भर्ती में तुम्हें भर्ती करा सकती है। इसके लिये तुम्हें 15 लाख रू0 देने होंगे, जिसमें से 03 लाख रू0 एडवांस के तौर पर देने होंगे शेष रकम भर्ती होने के बाद देनी होगी। जिस पर मैं उनके बहकावे में आ गया और मेरे द्वारा नेहरू कालोनी क्षेत्र में कल्पना पाल को नरेश के माध्यम से 03 लाख रू0 एडवांस के तौर पर नगद दे दिये, किन्तु जब परीक्षा का परिणाम आया और मेरा चयन नहीं हुआ तो मेरे द्वारा पैसा वापस मांगने पर उन्होंने मेरी नौकरी किसी अन्य विभाग में लगाने का भरोसा दिलाया।

पूछताछ में अभियुक्त नरेश द्वारा बताया गया कि मैं वर्तमान में सीएचसी सहसपुर में संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत हूँ। पूर्व में आरोपी उज्ज्वल जीवन समिति नाम से एक एनजीओ चलाता था, इसी दौरान मेरी मुलाकात कल्पना से हुई जो एक जाॅब कन्सलटेंसी एनजीओ चलाती है तथा एनजीओ के माध्यम से फैक्ट्रियों के लिये लेबर उपलब्ध कराती थी।  कल्पना को जाॅब कन्सलटेंसी का अच्छा अनुभव था, इसी का फायदा उठाते हुए हम लोगों से अपनी ऊंची जान-पहचान होने की झूठी बातें बोलकर उन्हें अपने झांसे में ले लेते थे तथा नौकरी लगाने के एवज में उनसे अच्छी खासी रकम ऐंठ लेते थे। जिसमें से कुछ पैसा हम एडवांस के तौर पर ले लेते हैं, और यदि परीक्षा में उक्त व्यक्ति का स्वत: ही चयन हो जाता तो हम उससे बाकी के तय किये हुए पैसे भी ले लेते है। यदि उक्त व्यक्ति का परीक्षा में चयन नहीं होता है तो हम उनसे धीरे-धीरे उनके पैसे वापस करने या किसी अन्य परीक्षा में उनका चयन करावाने का झूठा वादा करते रहते हैं। कुछ समय पूर्व पुलिस कांन्सटेबल की भर्ती के दौरान विकासनगर से जयवीर नाम के एक व्यक्ति का मुझे फोन आया था, जिसके द्वारा हमसे उसे पुलिस में भर्ती कराने की बात कही गयी जिसके लिये वो दो लाख रू0 एडवांस देने को भी तैयार हो गया था। हमारे द्वारा उससे टोकन मनी भेजने की बात कही गयी, जिसकी रिकार्डिंग उसके द्वारा वायरल कर दी गयी थी। हमें पुलिस भर्ती अथवा किसी अन्य विभाग की भर्ती के सम्बन्ध में किसी प्रकार की कोई भी जानकारी नहीं है और न ही हमारी किसी भी अधिकारी से कोई जान पहचान है। हम केवल अपनी झूठी पहचान का हवाला देते हुए लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते हैं। इसी तरह हमारे द्वारा अब तक लगभग 04 से 05 लोगों से करीब 18 लाख रू0 की ठगी की गयी है। मेरी साथी कल्पना का अभी कुछ दिन पूर्व ही बेटा हुआ है तथा वर्तमान में वह अस्पताल में भर्ती है।

 

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