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Homeदेहरादूनस्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी के त्याग, तपस्या व बलिदान को हमेशा रखेंगें याद

स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी के त्याग, तपस्या व बलिदान को हमेशा रखेंगें याद

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के पुरोधा रहे पर्वतीय गांधी स्वर्गीय इन्द्रमणि बड़ोनी को 26वीं पुण्यतिथि पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के पदाधिकारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी रविन्द्र जुगरान एवं अशोक वर्मा ने कहा कि स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी के त्याग, तपस्या, बलिदान को हमेशा याद रखेंगे और प्रदेश के सर्वांगीण विकास मेँ योगदान देंगें।
इस अवसर पर मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि राज्य बनने के पच्चीस वर्षों में अब सरकार पहाड़ के समग्र विकास को लेकर स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी के सपनों के अनुरूप गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण में होने वाले मानसून सत्र में सरकार तत्काल गैरसैंण को पहले जिला घोषित करें और फिर उसे स्थाई राजधानी बनायें। आंदोलनकारी केशव उनियाल ने कहा कि हमारे प्रदेश के नेता व प्रशासन के अधिकारियों ने कभी घंटाघर स्थित स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी पार्क की सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष पूर्व भी इस पार्क की स्थिति के बारे में निगम व संस्कृति विभाग को अवगत कराया गया था लेकिन परिणाम शून्य रहा।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि न ही वहां पुष्प चढ़ाने की जहमत उठा पाते और उनके सपनों के अनुसार न स्थाई राजधानी , न 371 की तर्ज पर सशक्त भू कानून , न मूल निवास व अधिकार न छोटी इकाइयों (जिलों) का गठन, न गंभीरता के साथ पहाड़ पर बेहतरीन नीतियां बनाई गईं।
इस अवसर पर पूरण सिंह लिंगवाल ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी मंच प्रदेश हितों के लिये लगातार संघर्ष करता रहेगा चाहे मुजफ्फरनगर काण्ड के दोषियों को न्याय दिलाने की आवाज हो या लोकायुक्त लागू कराने की मांग हो या रोजगार शिक्षा के साथ बेहतरीन स्वास्थ्य की मांग हो।

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