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मसूरी क्षेत्र के आपदा प्रभावित कार्यों की समीक्षा

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं, सड़कों, पुलियाओं और पैदल मार्गों के निर्माण व सुदृढ़ीकरण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में जल संस्थान, पेयजल निगम, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मसूरी क्षेत्र के क्षेत्र पंचायतों, ग्रामों और वार्डों के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित कार्यों की जानकारी दी और उन्हें शीघ्र पूरा करने की मांग की।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा से क्षतिग्रस्त कार्यों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि स्थानीय जनता को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।
मंत्री जोशी ने कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता से लेने के निर्देश दिए। इनमें मसूरी पेयजल योजना प्रमुख है, जो यमुना नदी में सिल्ट आने के कारण प्रभावित हुई है। उन्होंने अपर सचिव पेयजल को निर्देश दिया कि योजना के सुचारु संचालन हेतु तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
पथरियापीठ-नीलकंठ विहार सीवर योजना के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है और यह एक माह के भीतर मिल जाएगी। वहीं चन्द्रोटी की आंतरिक सड़कों और अनारवाला–मालसी मार्ग के संबंध में जानकारी दी गई कि इन योजनाओं के टेंडर हो चुके हैं और शीघ्र शिलान्यास किया जाएगा।
बैठक के अंत में मंत्री ने निर्देश दिया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र के सभी वार्डों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर सचिव पेयजल अपूर्वा, जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. सिंह, जल निगम की अधीक्षण अभियंता मिसा सिन्हा, लोक निर्माण विभाग के राजेश कुमार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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